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Manas Panchvati

7 July - 15 July 2012

Johannesburg

Hai prabhu param manorath thāu | Pāvan panchvati tehi nāu ||
Chale rām muni āyusu pāi | Turathi panchvati niarāi ||
है प्रभु परम मनोहर ठाऊँ । पावन पंचबटी तेहि नाऊँ ॥
चले राम मुनि आयसु पाई । तुरतहिं पंचबटी निअराई ॥
There is, my lord, a most charming and holy spot; it is called Panchvati.
On receiving the sage’s permission Sri Rama departed and drew near to Panchvati in a short while.

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Kathas


Katha 849: Online Katha from Kamandal Kund, Siddhakshetra, Girnar, Gujarat
(At Highest peak of Girnar near tapahsthali of Lord Shri Adiguru Dattatreya)

17th October to 25th October - 9:30 am to 12:30 pm: Live on Aastha & Chitrakutdham Youtube Channel


शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर घने जंगलों से आच्छादित सिद्धक्षेत्र गिरनार पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित आदिगुरु दत्तात्रेय भगवान की अक्षय तपस्थली के आश्रय में एवं माँ गंगा स्वरुप कमण्डल कुण्ड के समीप मोरारी बापू की करुणामय वाणी में कोरोना महामारी के कारण कथा स्थल पर बिना श्रोता के आयोजित ''849वी राम कथा'' का आस्था पर सीधा प्रसारण देखिये

17 से 25 अक्टूबर, प्रातः 9:30 से 12:30 बजे तक