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Manas Siv

29 December - 6 January 2013

Baidyanatha, Jharkhand

Siva pada kamala jinhahi rati nāhi | rāmahi te sapanehu na sohāhi ||
सिव पद कमल जिन्हहि रति नाहीं । रामहि ते सपनेहुँ न सोहाहीं ॥
Those who love not Siva’s lotus feet cannot even dream of pleasing Rama.

Linga thapi bidhivata kari pujā | siva samāna priya mohi na doojā ||
लिंग थापि बिधिवत करि पूजा । सिव समान प्रिय मोहि न दूजा ॥
Having installed an emblem of Lord Siva and worshipped it with due solemnity, He said, “No one else is so dearto me as Siva.”

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Kathas


Katha 849: Online Katha from Kamandal Kund, Siddhakshetra, Girnar, Gujarat
(At Highest peak of Girnar near tapahsthali of Lord Shri Adiguru Dattatreya)

17th October to 25th October - 9:30 am to 12:30 pm: Live on Aastha & Chitrakutdham Youtube Channel


शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर घने जंगलों से आच्छादित सिद्धक्षेत्र गिरनार पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित आदिगुरु दत्तात्रेय भगवान की अक्षय तपस्थली के आश्रय में एवं माँ गंगा स्वरुप कमण्डल कुण्ड के समीप मोरारी बापू की करुणामय वाणी में कोरोना महामारी के कारण कथा स्थल पर बिना श्रोता के आयोजित ''849वी राम कथा'' का आस्था पर सीधा प्रसारण देखिये

17 से 25 अक्टूबर, प्रातः 9:30 से 12:30 बजे तक