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Manas Prem

18 August - 26 August 2012

Nathdwara, Rajasthan

Hari byāpaka sarabatra samānā | prem te pragat hohi mai jānā ||
Aga jagamaya saba rahita birāgi | prem te prabhu pragatai jimi āgi ||
हरि ब्यापक सर्बत्र समाना । प्रेम ते प्रगट होहिं मैं जाना ॥
अग जगमय सब रहित बिरागी । प्रेम तें प्रभु प्रगटई जिमि आगी ॥
For aught i know Sri Hari is present everywhere alike and is revealed only by love. Having taken the form of all creation, both animate and inanimate, he is yet destitute of everything and passionless; he is revealed by love even as fire is manifested by friction.

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Kathas


Katha 849: Online Katha from Kamandal Kund, Siddhakshetra, Girnar, Gujarat
(At Highest peak of Girnar near tapahsthali of Lord Shri Adiguru Dattatreya)

17th October to 25th October - 9:30 am to 12:30 pm: Live on Aastha & Chitrakutdham Youtube Channel


शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर घने जंगलों से आच्छादित सिद्धक्षेत्र गिरनार पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित आदिगुरु दत्तात्रेय भगवान की अक्षय तपस्थली के आश्रय में एवं माँ गंगा स्वरुप कमण्डल कुण्ड के समीप मोरारी बापू की करुणामय वाणी में कोरोना महामारी के कारण कथा स्थल पर बिना श्रोता के आयोजित ''849वी राम कथा'' का आस्था पर सीधा प्रसारण देखिये

17 से 25 अक्टूबर, प्रातः 9:30 से 12:30 बजे तक