kathas list

Back

Manas Punya Punj

27 June - 5 July 2015

Fairfax, Virginia

Punya punj tumha pavankumara | sevahu jai krupa agara ||
पुन्य पुंज तुम्ह पवनकुमारा । सेवहु जाइ क्ऱुपा आगारा ॥
A storehouse of merit as you are, O son of the wind-god, you go and serve the All-merciful.

Punya punj binu milahi na santa | satasangati sansruti kar anta ||
पुन्य पुंज बिनु मिलहीं न संता । सतसंगति संसृति कर अंता ॥
Saints for their part are inaccessible without a stock of merit; communion with the Lord’s devotees in any case brings to an end the cycle of births and deaths.

UPCOMING


Upcoming
Kathas


Katha 849: Online Katha from Kamandal Kund, Siddhakshetra, Girnar, Gujarat
(At Highest peak of Girnar near tapahsthali of Lord Shri Adiguru Dattatreya)

17th October to 25th October - 9:30 am to 12:30 pm: Live on Aastha & Chitrakutdham Youtube Channel


शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर घने जंगलों से आच्छादित सिद्धक्षेत्र गिरनार पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित आदिगुरु दत्तात्रेय भगवान की अक्षय तपस्थली के आश्रय में एवं माँ गंगा स्वरुप कमण्डल कुण्ड के समीप मोरारी बापू की करुणामय वाणी में कोरोना महामारी के कारण कथा स्थल पर बिना श्रोता के आयोजित ''849वी राम कथा'' का आस्था पर सीधा प्रसारण देखिये

17 से 25 अक्टूबर, प्रातः 9:30 से 12:30 बजे तक