jehi jehi para mamatā ati chohū | jehi̐ karunā kari kīnha na kohū ||
Balkand - Doha 13
kabahu̐ka kari karunā nara dehī | deta īsa binu hetu sanehī ||
Uttarkand - Doha 44
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जेहि जन पर ममता अति छोहू । जेहिं करुना करि कीन्ह न कोहू ॥
बालकाण्ड - दोहा १३
कबहुँक करि करुना नर देहि । देत ईस बिनु हेतु सनेही ॥
उत्तरकाण्ड - दोहा ४४